

जिला ब्युरो गोपाल मारु रावडिया की रिपोर्ट
सरदारपुर। जीवन में शिक्षक का महत्व कम नही होना चाहिए। शिक्षक कभी साधारण नही होता है। शिक्षक ही विद्यार्थी की नींव मजबूत करता है। संकुल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरमंडल की प्राचार्य कांता लाकरा ने समय को महत्व नहीं देते हुए कार्य को महत्व दिया। उसी का परिणाम है कि आज के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्यजन भी मौजूद है। उक्त उदगार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरमंडल में प्राचार्य कांता लाकरा के सेवानिवृत्ति पर सम्मान व विदाई समारोह में कवि पंकज विश्वकर्मा धुप्पल ने व्यक्त किए। सेवानिवृत्ति पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि प्राचार्य कांता लाकरा , शीला डामोर , पूर्व जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र राठौड़ , रामचंद्र जाट , सेवानिवृत्त प्राचार्य रामेश्वरदयाल पाटिल , भारतसिंह चौहान , हीरालाल राठौड़ , भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश शर्मा , समग्र शिक्षक संघ के प्रदीपसिंह पंवार ने सर्वप्रथम मां सरस्वती , भारत माता के चित्र का पूजन अर्चन माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। सम्मान समारोह में पूर्व जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र राठौड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह सेवानिवृति सम्मान समारोह , विदाई समारोह कम और प्राचार्य कांता लाकरा के सेवाकाल में किए गए कार्यों का समागम ज्यादा प्रतीत हो रहा है। आज का कार्यक्रम देखकर मन प्रफुल्लित हुआ। कार्यक्रम में सेवानिवृत प्राचार्य रामेश्वरदयाल पाटिल ने संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में तीन बार विदाई का मौका मिलता है सबसे पहले विवाह समारोह में वधु की विदाई, शासकीय सेवा में स्थानांतरण , आयु पूर्ण होने पर सेवानिवृत विदाई और तीसरी विदाई अंतिम विदाई होती है लेकिन सेवानिवृत होने पर विदाई अनेक यादें छोड़ जाती है। मैं प्राचार्य कांता लाकरा की सेवानिवृत होने पर उनके सुखमय जीवन की कामना करता हूं। कार्यक्रम में समग्र शिक्षक संघ के प्रदीपसिंह पंवार ने कहा कि वनवासी क्षेत्र में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का कार्य प्राचार्य कांता लाकरा ने किया। इनके कुशल नेतृत्व में विद्यालय का परीक्षा परिणाम हमेशा शत प्रतिशत रहा है। भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने प्राचार्य कांता लाकरा को शुभंकर प्राचार्य की उपाधि देते हुए कहा कि प्राचार्य कांता लाकरा का कार्यकाल सदैव शत प्रतिशत परिणाम के लिए याद किया जाता रहेगा। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों , गणमान्यजनों , छात्र छात्राओं को उद्बोधन देते हुए प्राचार्य कांता लाकरा ने करुण हृदय से कहा कि आज मुझे जिस तरह से गणमान्यजनों , पत्रकारों , संकुल के समस्त विद्यालयों के परिवारिक बंधुओ , छात्र छात्राओं ने जिस तरह से विदाई दी है मैं हमेशा आभारी रहूंगी। आप सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें और हमेशा की तरह विद्यालय का नाम रोशन करते रहे। मेरा इस गांव से हमेशा से लगाव रहा है मैं जहां भी रहूंगी लेकिन कभी कभी यहां आती रहूंगी। प्राचार्य कांता लाकरा के सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय के छात्र छात्राओं ने भी गीत के माध्यम से अपने विचार व्यक्त कर करुण हृदय से प्राचार्य को विदाई दी। सम्मान व विदाई समारोह में नगर पत्रकार संघ , संकुल जनशिक्षा केंद्र बरमंडल की ओर से जनशिक्षक हरिशकुमार मारु, शिवनारायण मारु एवं संकुल के समस्त विद्यालयों के शिक्षकों , अतिथि शिक्षक संघ , ग्राम के समाज प्रमुखों , सांवरिया ग्रुप , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर संजय विश्नोई व स्टाफ , निजी विद्यालयों के संचालकों , छात्रावास के अधीक्षक व छात्रों , शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरमंडल, लाबरिया , दसाई के स्टाफ ने प्राचार्य कांता लाकरा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरमंडल की ओर से शाल श्रीफल, प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक अनिल कुमार मारू ने किया आभार प्रभारी प्राचार्य यशवंत सोलंकी ने व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं , ग्राम के गणमान्य नागरिक , संकुल के विद्यालयों के प्रमुख मौजूद रहे।




